कुछ कविताएं
Saturday, October 19, 2019
बारिश
आये बादल ढक लिया सूरज
कड़की बिजली डर गए हम
फिर बूँदें बरसी छम - छम - छम
तो निकल पड़े भई घर से हम
खूब भीगे फिर बारिश में
और मचाया खूब उधम
-- मनोज
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment