Saturday, October 19, 2019

घड़ी




घड़ी - घड़ी मैं देखूं घड़ी
कब से है अटकी यहीं पड़ी 
घूम जरा थोड़ा जोर लगा 
जल्दी से तू पांच बजा 
बजे पांच तो मैं बाहर जाऊं 
खेलूं - कूदूं धूम मचाऊं 
      

                 -- मनोज

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